अपनी आंतरिक यात्रा ही सत्य है - ओशो
अपनी आंतरिक यात्रा ही सत्य है - ओशो मेरे एक मित्र वहां साधु हो गए थे। एक पहाड़ के किनारे एक छोटे झोपड़े में वे रहते थे। उनको कोई खबर नहीं कि...
अपनी आंतरिक यात्रा ही सत्य है - ओशो मेरे एक मित्र वहां साधु हो गए थे। एक पहाड़ के किनारे एक छोटे झोपड़े में वे रहते थे। उनको कोई खबर नहीं कि...
अनुकरण नहीं, आत्मखोज- ओशो प्रत्येक व्यक्ति अद्वितीय है और इसलिए जब कोई व्यक्ति राम का अनुसरण करके राम बनने की कोशिश करता है, बुद्ध...
धर्म वस्तुतः एक विज्ञान है, परम विज्ञान है - ओशो धर्म भी वस्तुतः एक विज्ञान है, साइंस है, परम विज्ञान है। वह कोई विश्वास नहीं है...
विश्वास नहीं, जाग्रत विवेक - ओशो मेरे पड़ोस में, गांव में एक आदमी रहता था। वह जंगल से तोतों को पकड़ कर लाता और उनको पिंजरों में बंद कर देता।...
धर्म सबसे बड़ा विद्रोह है - ओशो दुनिया में जब भी कोई धार्मिक आदमी पैदा होता है तो पुरोहित और ब्राह्मण और पंडित हमेशा उसके विरोध म...
श्रद्धा नहीं, जिज्ञासा धार्मिक आदमी का पहला लक्षण है - ओशो श्रद्धा नहीं, जिज्ञासा धार्मिक आदमी का पहला लक्षण है। और जहां श्रद्धा पहला लक्षण...
सत्य को पाने की पहली शर्त अभय है- ओशो बूढ़ों का विश्वास कोई कीमत नहीं रखता। साहस जैसे-जैसे कम होता जाता है, विश्वास को पकड़ लेते हैं, भय के...
सच्चा धर्म औपचारिकता नहीं, भीतर की क्रांति है -ओशो एक साधु हुआ है, वह तो कोई नहीं था, कोई गैरिक उसने नहीं पहना था और उसने कभी अपन...
संदेह इस जगत में सबसे बड़ा साहस है -ओशो हम सुनते हैं, विश्वास करो। साधारणतः हम सुनते हैं गीता कहती हो, कुरान कहता हो, बाइबिल कहती हो, उसे म...
चेतना के प्रतिक्रमण का रहस्य-सूत्र - ओशो अंधकार बाहर ही है। भीतर तो सदा ही आलोक है। ध्यान बहिर्गामी है तो रात्रि है। ध्यान अंतर्गामी बने तो...